श्री राम भजन

    सुमिरन कर लो जी हीरा जन्म अनमोल

    सुमिरन कर लो जी हीरा जन्म अनमोल

    सुमिरन कर लो जी, हीरा जन्म अनमोल भक्ति भजन 🙏🎶

    भक्ति संगीत में भजनों का विशेष महत्व है। ये हमारे मन, आत्मा और भावनाओं को शुद्ध करने में सहायक होते हैं। ऐसा ही एक सुंदर भजन "सुमिरन कर लो जी, हीरा जन्म अनमोल" हमें जीवन के सच्चे अर्थ की ओर ले जाता है। इस भजन में मानव जीवन के महत्व, भक्ति, मोहमाया, और प्रभु की कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है। आइए इस भजन को गहराई से समझें।

     


    🎵 भजन के बोल:

    सुमिरन कर लो जी,

    हीरा जन्म अनमोल ।।

     

    सुमिरन कर लो जी,

    हीरा जन्म अनमोल
    चोला रग लो जी,

    इस का ना लागे मोल।।

     

    कृपा कर दी हरी ने तुझ पर,

    मानस जन्म दिलाया
    स्वास स्वास तु चेतन हो जा,

    व्यर्थ जन्म जाया।
    काहे भटकी जी,

    घर में हीरा अनमोल।।

     

    ना कोई तेरा सगी साथी,

    जग है खेल पराया
    आज हुआ जो तेरा अपना,

    कल होगा वो पराया।
    प्रभु के हो जाओ जी,

    अंतर के पट खोल।।

     

    सतगुरु मोहे पे कर दी कृपा,

    प्रेम से ज्ञान सिखाया
    देखो ही में तेरे प्रभु बैठा,

    अपने में ही जगाया।
    गुरु से प्रीत कर लो जी,

    कुछ ना लागे मोल।।

     

    🌿 भजन का अर्थ और महत्व

    1️ सुमिरन और भक्ति का महत्व

    इस भजन में सबसे पहले सुमिरन (भगवान का नाम जपने) का संदेश दिया गया है। यह जीवन अनमोल हीरे के समान है, लेकिन अगर इसे व्यर्थ गंवा दिया तो इसका कोई मोल नहीं रहेगा।

    2️ ईश्वर की कृपा और मानव जन्म

    भजन में बताया गया है कि ईश्वर ने हमें यह दुर्लभ मानव जीवन दिया है। यदि हमने इसे सांसारिक मोह-माया में गवा दिया और भक्ति नहीं की, तो यह जीवन व्यर्थ हो जाएगा।

    3️ संसार की अस्थिरता

    यह संसार नश्वर और अस्थिर है। जो आज हमारा है, वह कल पराया हो जाएगा। इसलिए संसारिक माया के चक्कर में पड़कर, ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए।

    4️ गुरु की महिमा और आत्मा का ज्ञान

    गुरु ही हमें ईश्वर के सच्चे स्वरूप का ज्ञान कराते हैं। जब हम गुरु की शिक्षाओं को अपनाते हैं, तब हमें एहसास होता है कि परमात्मा हमारे भीतर ही विराजमान हैं।

     


    📜 इस भजन से हमें क्या सीख मिलती है?

    संसारिक चीजें नश्वर हैं, केवल भक्ति ही अमर है।
    सुमिरन (ईश्वर का नाम जपना) जीवन का सबसे बड़ा धन है।
    गुरु और ईश्वर की कृपा से ही सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।
    प्रभु हमारे भीतर ही हैं, हमें उन्हें बाहर खोजने की जरूरत नहीं।

     


    💡 कैसे करें इस भजन को अपने जीवन में लागू?

    🔹 रोज़ाना सुबह और रात को सुमिरन करें।
    🔹 गुरु की शरण में जाएं और उनके बताए मार्ग का पालन करें।
    🔹 दूसरों की मदद करें और सेवा भाव अपनाएं।
    🔹 मोह-माया को छोड़कर परमात्मा की भक्ति में ध्यान लगाएं।


    🔗 और भजन पढ़ें और डाउनलोड करें:

    👉 Bhakti Bhajan Diary – भजन संग्रह

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