सत्संगी भजन

    आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन लिरिक्स

    आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन लिरिक्स

    आदत बुरी सुधार लो,
    बस हो गया भजन
    ​मन की तरंग मार लो,
    बस हो गया भजन,
    हो गया भजन,
    बस हो गया भजन।।



    दृष्टि में तेरी खोट है,
    दुनिया निहार ले,
    दृष्टि में तेरी खोट है,
    दुनिया निहार ले,
    गुरु ज्ञान अंजन सार लो,
    बस हो गया भजन, 
    बस हो गया भजन।।



    दुनिया तुम्हे बुरा कहे,
    पर तुम करो क्षमा,
    दुनिया तुम्हे बुरा कहे,
    पर तुम करो क्षमा,
    वाणी को भी संभाल लो,
    बस हो गया भजन, 
    बस हो गया भजन।।



    विषियों की तीव्र आग में,
    जलता ही जा रहा,
    विषियों की तीव्र आग में,
    जलता ही जा रहा,
    ​मन की तरंग मार लो,
    बस हो गया भजन, 
    बस हो गया भजन।।



    रिश्तो से मोह त्याग कर,
    कृष्णा से प्रेम कर,
    रिश्तो से मोह त्याग कर,
    कृष्णा से प्रेम कर,
    इतना ही मन विचार लो,
    बस हो गया भजन, 
    बस हो गया भजन।।



    जाना है सबको एक दिन,
    दुनिया को त्याग के,
    जाना है सबको एक दिन,
    दुनिया को त्याग के,
    जीवन को संभाल लो,
    बस हो गया भजन, 
    बस हो गया भजन।।



    आदत बुरी सुधार लो,
    बस हो गया भजन
    ​मन की तरंग मार लो,
    बस हो गया भजन,
    हो गया भजन,
    बस हो गया भजन।।

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