रति नाथ भजन

    मैं अपने राम को रिझाऊं , अपने श्याम को रिझाऊं भजन हिंदी लिरिक्स

    मैं अपने राम को रिझाऊं , अपने श्याम को रिझाऊं भजन हिंदी लिरिक्स

    मैं अपने राम को रिझाऊं

    मैं अपने राम को रिझाऊं।
    राम को रिझाऊं ,
    अपने श्याम को रिझाऊं।
    मैं अपने राम को रिझाऊं।

    डाली छेड़ू न पत्ता छेड़ू ,
    ना कोई जिव सताऊं।
    पात पात में प्रभु बसत है ,
    वाही को शीश नवाऊँ।
    मैं अपने ….

    गंगा ने जाऊ जमुना ने जाऊ ,
    ना कोई तीरथ नहाऊं।
    अडसठ तीरथ घट के भीतर ,
    तिन्ही में मलके नहाऊं।
    मैं अपने ….

    ओषधि खाऊं ना बूटी लाऊँ ,
    ना कोई वैध बुलाऊँ।
    पूर्ण वैध अविनासी ,
    वाही को नबज दिखाऊं।
    मैं अपने ….

    ज्ञान कुठारा कस कर बाँधू ,
    सूरत कमान चढ़ाऊँ।
    पांच चोर बसे घट भीतर ,
    तिनको मार गिराऊं।
    मैं अपने ….

    योगी होऊं न जटा बढ़ाऊ ,
    ना अंग विभूत रमाऊँ।
    जेहि का रंग रंगे विधाता ,
    और क्या रंग चढ़ाऊँ।
    मैं अपने ….

    चंद्र सूर्ये दोऊ समकार राख्यो ,
    निजमन सेज बिछाऊं।
    कहत कबीर सुनो भाई साधो ,
    आवागमन मिटाऊं।
    मैं अपने ….

    मैं अपने राम को रिझाऊं।
    राम को रिझाऊं ,
    अपने श्याम को रिझाऊं।
    मैं अपने राम को रिझाऊं।

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