रति नाथ भजन

    हर भज हर भज हीरा परख ले भजन लिरिक्स

    हर भज हर भज हीरा परख ले भजन लिरिक्स

    हर भज हर भज हीरा परख ले ॥

    हर भज हर भज हीरा परख ले,
    समझ पकड़ नर मजबूती ।
    साचा समरन करो सायब रा ,
    और वार्ता सब झूठी ॥

     

    इन्द्र घटा ले सतगुरु आया,
    अम्रत बुंदा हद बूँटी ।
    त्रिवेणी के रंग महल में ,
    साधा लाला हद लूटी
    हर भज …

     

    इण काया में पाँच चोर है,
    जिनकी पकड़ो सिर चोटी |
    पाँचो ने मार पच्चीस वश करले ,
    जद जाणा तेरी रजपुती
    हर भज …

     

    सत सुमरण का सैल बणाले,
    ढाल बणाले धीरज की |
    काम, क्रोध ने मार हटा दे,
    जद जाणु थारी मजबुती
    हर भज …

     

    झरम रझरमर बाजा बाजै,
    झिलमिल ज्योतो वे जलती |
    ओंकार पर रणोकार है हँसला ,
    चुग गया निज मोती
    हर भज …

     

    पक्की घड़ी का तोल बणाले,
    काण ने राखो एक रती ।
    गुरु चरणे मछेन्द्र बोले,
    अलख लख्या सो खरा जती
    हर भज …


    FAQs (Frequently Asked Questions)

    Q1: "हर भज हर भज हीरा परख ले" भजन का क्या अर्थ है?
    A: इस भजन में आत्मा को हरि नाम (हर भज) स्मरण करने की प्रेरणा दी गई है और सच्चे गुरु को परखने का संकेत है — जैसे हीरे की परख होती है, वैसे ही सतगुरु की।


    Q2: 'हीरा परख ले' का आध्यात्मिक भाव क्या है?
    A: 'हीरा' प्रतीक है सतगुरु या ज्ञान का, और 'परख' का अर्थ है विवेकपूर्वक पहचान करना। यह आत्मा को चेताने का संकेत है कि सतगुरु ही सच्चा मार्ग है।


    Q3: यह भजन किस भक्ति परंपरा से जुड़ा है?
    A: यह भजन निर्गुण भक्ति से जुड़ा हुआ है — विशेषतः कबीर, रैदास, और दादू पंथ से। यह सत्संगों में अक्सर गाया जाता है।


    Q4: क्या इस भजन का कोई प्रसिद्ध गायक है?
    A: कई लोकगायक और संतवाणी मंडलियां जैसे प्रह्लाद टिपानिया, विजय सोनी आदि इसे गा चुके हैं। यूट्यूब पर इसके कई संस्करण उपलब्ध हैं।


    Q5: इस भजन का क्या मुख्य संदेश है?
    A: आत्मा को सच्चे गुरु और ईश्वर की पहचान करनी चाहिए और हरि नाम का स्मरण करते हुए भक्ति मार्ग पर चलना चाहिए।

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