प्रभाती भजन

    सूमिराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचायो भजन लिरिक्स

    सूमिराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचायो भजन लिरिक्स

    नरसिंह जी  भजन

    सूमिराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचायो ।। टेर ।।

    प्रहलाद पढ़बा न चाल्यो
    राम नाम न धायो महराजा
    सुणत बाण ज्योसी क लाग्यो 
    आ काई कुमद कमायो जी...
    प्रहलाद बचायो... 
    ऐ जी हो भला प्रहलाद बचायो .. 
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

    थे जोशी जी वेद पदाओ
    ख्य्यों कर लो थारो
    राम नाम न निशदिन धाव
    ओ छ बेरी माहरो जी.. प्रहलाद बचायो ।।
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

    जोशी जी को हिरणकुश आग
    अरज कर छ थान महराजा
    यो तो माहरी एक न मान
    और ही ओर बखऻण जी.... प्रहलाद बचायो ।।
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

    चार कुण्ड नों खंड म जी
    राम नाम आधार महराजा
    बी ठाकुर को नाम न बिसर
    माल मलाई छोढ जी.... प्रहलाद बचायो ।।
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

    नरसिंह देह धरी कर्ता न
    धरयो रूप विकराल महराजा
    खंभ फाड़ प्रहलाद बचायो
    हिरणाकुश न मार जी.... प्रहलाद बचायो ।।
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

    बडी महार को ब्रह्मण गाव
    गहरो छद बनायो महराजा
    नरसिंह जी की सेवा करता 
    बैकुंठा में जाय जी...प्रहलाद बचायो... 
    ओजी हो भला प्रहलाद बचायो.. ।।
    सुमीराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचाओ ।। टेर ।।

     


    FAQs (SEO Optimized):

    Q1: ‘सूमिराला नरसिंह रूप न प्रहलाद बचायो’ भजन का मुख्य भाव क्या है?
    A: यह भजन भक्त प्रहलाद की दृढ़ आस्था और भगवान नरसिंह के दिव्य रूप की महिमा का गुणगान करता है। इसमें सतगुरु की शक्ति और ईश्वर की रक्षा भावना को दर्शाया गया है।


    Q2: यह भजन किस राग में गाया जाता है?
    A: यह भजन प्रभाती राग में गाया जाता है, जो विशेष रूप से सुबह के समय गाने के लिए उपयुक्त माना जाता है।


    Q3: नरसिंह भगवान ने प्रहलाद की कैसे रक्षा की थी?
    A: भगवान नरसिंह ने स्तंभ से प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध किया और अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा की, जो पूरी श्रद्धा से उनका सुमिरन करता था।


    Q4: क्या यह भजन नाथ सम्प्रदाय से संबंधित है?
    A: हाँ, यह भजन नाथ सम्प्रदाय की भक्ति परंपरा से जुड़ा है, जिसमें गुरु और ईश्वर की महिमा का विशेष स्थान है।


    Q5: इस भजन को कहाँ सुन सकते हैं?
    A: यह भजन YouTube, Spotify और अन्य भक्ति संगीत प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। साथ ही इसके लिरिक्स विभिन्न भक्ति वेबसाइटों पर पढ़े जा सकते हैं।


    Q6: प्रभाती राग क्या होता है?
    A: प्रभाती राग भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक राग है, जो सुबह के समय गाया जाता है। यह मानसिक शांति और भक्ति भाव जागृत करने वाला राग होता है।


    Q7: इस भजन के बोल कहाँ से मिल सकते हैं?
    A: आप इस भजन के पूरे लिरिक्स हमारी वेबसाइट या भक्ति संगीत पोर्टल्स पर पढ़ सकते हैं (आपकी साइट का लिंक यहाँ डालें)।


     

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